आजमगढ़ : स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा डिजिटल, मौजूद होंगी सारी सुविधाएं – सीएमओ

सीपीएचसी एप्लीकेशन के अंतर्गत इ-कवच का प्रशिक्षण सम्पन्न

• स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा डिजिटल, मौजूद होंगी सारी सुविधाएं
• ई-कवच एप बताएगा कुपोषण और टीकाकरण की हकीकत

आजमगढ़, 25 मार्च 2022
आजमगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार डिजिटल किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद में सीपीएचसी एप्लीकेशन (कंप्रीहेंसिव प्राइमरी हैल्थ केयर) तथा ई-कवच पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी की अध्यक्षता में दिया गया।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने इस एप्लीकेशन के लाभ बताते हुए कहा कि इससे उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के फॉलो अप और प्रबंधन में सुधार होगा। गर्भवती महिलाओं की डिजिटल ट्रैकिंग हो सकेगी। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सम्बन्धी सन्देश भी प्रसारित किए जा सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी रिपोर्टिंग रोकने, कुपोषण और टीकाकरण की हकीकत जानने के लिए ई-कवच एप लांच किया है। आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एएनएम गांव में अपने भ्रमण कार्यक्रम से लेकर बच्चों और महिलाओं के कुपोषण टीकाकरण की सारी सूचनाएं इस एप पर देंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी रिपोर्टिंग रोकने, कुपोषण और टीकाकरण की हकीकत जानने के लिए ई-कवच एप लांच कर किया है। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम गांव में अपने भ्रमण कार्यक्रम से लेकर बच्चों और महिलाओं के कुपोषण, टीकाकरण की सारी सूचनाएं इस एप पर देंगी। अब तक पीएचसी, सीएचसी को मैनुअल रिपोर्ट देकर खाली हो जाती थीं, लेकिन अब इस एप पर बिदुवार सूचनाएं देंगी तो एप मरीज की स्थिति की जानकारी देगा।
इस दौरान मास्टर ट्रेनर जिला कार्यक्रम प्रबन्धक अंशार अहमद अंसारी ने बताया कि एलएमएस एक नया मॉड्यूल है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से स्वास्थ्य इकाई एवं समुदाय में प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के आंकड़ों को उनके स्रोत स्तर पर ही एकत्र कर उनकी व्यापक उपयोगिता सुनिश्चित की जाती है। इससे स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाया जा सकेगा। अभी तक मौजूद सिस्टम में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। जिनमें एचएमआईएस में उपलब्ध एकत्रित डेटा के आधार पर गुणवत्तापूर्ण माइक्रोप्लानिंग करने में कठिनाई, महिला एवं बच्चों की ट्रैकिंग तब तक संभव नहीं है जब तक स्रोत पर डेटा एकत्र नहीं किया जाता है।

जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबन्धक विपिन पाठक ने बताया कि इ-कवच के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को सेहतमंद रखने के लिए आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर कुपोषित मिलने वाले बच्चे, महिलाओं को चिह्नित कर उसकी रिपोर्ट सीएचसी, पीएचसी के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को रिपोर्ट देंगी। इस आधार पर प्रभावित महिलाओं व बच्चों का विभागीय स्तर से उपचार कर कुपोषण दूर किया जायेगा।
जिला परिवार कल्याण एवं रसद प्रबन्धक बबलू यादव ने बताया कि इस एप से एएनएम कुपोषित बच्चों की स्क्रीनिग करेगी। आशा, आगंनबाड़ी वर्कर ऐसे बच्चे जिनमें कुपोषण के लक्षण हैं, उन्हें चिन्हित करके सब सेंटर लेकर पहुंचेंगी। जहां एएनएम पहले उनका वजन, लंबाई नापेंगी। इसके बाद ई-कवच एप पर बच्चे की पूरी डिटेल अपलोड करेंगी। डिटेल भरने के बाद एप से बच्चे में कुपोषण या अतिकुपोषण के बारे में जानकारी मिलेगी। उसके बाद यह डाटा पोर्टल पर अपलोड होगा।
प्रशिक्षण में बीपीएम, बीसीपीएम, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, सीएचओ, एआरओ तथा डाटा एंट्री आपरेटर सहित कुल 44 लोग उपस्थित थे।