दिल्ली : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि यूक्रेन से लौटे छात्रों को भारतीय विश्वविद्यालयों में नहीं किया जा सकता समायोजित

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केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि यूक्रेन से लौटे छात्रों को भारतीय विश्वविद्यालयों में नहीं किया जा सकता समायोजित
सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में हलफनामा किया गया …. दाखिल …….

केंद्र ने कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन कानून में इसकी अनुमति देने का नहीं है कोई प्रावधान …….इस तरह की छूट से भारत में मेडिकल शिक्षा के मानकों में आएगी बाधा ……..

केंद्र ने कहा है कि ये छात्र दो कारणों से गए थे विदेश …… जिनमें NEET में खराब मेरिट और भारत में फीस चुकाने में थी असमर्थता……

भारत के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में खराब योग्यता वाले छात्रों को अनुमति देने से हो सकती है अन्य मुकदमेबाजी ……. साथ ही…. वे फीस वहन करने में नहीं होंगे सक्षम …….

यूक्रेन के विश्वविद्यालयों द्वारा प्रस्तावित ‘अकादमिक गतिशीलता कार्यक्रम’ के लिए केंद्र और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा दी गई अनापत्ति के बारे में सुप्रीम कोर्ट को सूचित करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को बताया की यह योजना अधिकांश पीड़ित छात्रों के साथ करेगी न्याय ……..लगभग 20,000 भारतीय छात्रों के करियर की होगी रक्षा …. जिन्हें पांच महीने पहले युद्धग्रस्त देश से निकालना पड़ा था……

अकादमिक गतिशीलता कार्यक्रम उन भारतीय छात्रों के अस्थायी ट्रांसफर की सुविधा करता है प्रदान……जिन्होंने कभी यूक्रेन में अपनी चिकित्सा शिक्षा को एक अलग देश में अन्य विश्वविद्यालयों में अपनाएंगे……..

इसके लिए सरकार और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने पहले ही दे दी है “अनापत्ति” हालांकि …… डिग्री मूल यूक्रेनी विश्वविद्यालय द्वारा की जाएगी प्रदान …..