TV 20 NEWS || AZAMGARH : जिला पंचायत अध्यक्ष आजमगढ़ की कुर्सी पर संकट

भारतीय जनता पार्टी लालगंज के निवर्तमान जिला अध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव के द्वारा प्रेसवार्ता करके जिला पंचायत अध्यक्ष के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाए जाने के मामले में शासन द्वारा पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश शासन की ओर से प्रमुख सचिव श्री अनिल कुमार ने 30 दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है, ऐसा न करने पर जिला पंचायत अधिनियम 1961 की धारा 29 के अंतर्गत जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाये जाने की कार्यवाही किया जायेगा,

सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रकाशित टेंडर जिसका पूर्व में ही किसी अन्य कार्यदायी संस्था या स्वयं जिला पंचायत के द्वारा पूर्व में परियोजनाओं के माध्यम से कार्य कराया जा चुका था, इसकी जांच मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह व मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव के नेतृत्व में नौ सदस्यीय कमेटी गठित की , कमेटी की ओर से आठ कार्यों की जांच की गई। इसमें से सात कार्यों को पूर्व में होने की शिकायत सही पाई गई ।
कमेटी ने जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी । डीएम ने जांच रिपोर्ट को शासन को भेज दी थीं।
उसके बाद जांच को पंचायती राज समिति- विधान परिषद उत्तर प्रदेश में अनूप गुप्ता जी सदस्य विधान परिषद व प्रदेश महामंत्री भाजपा के द्वारा मेरे पत्र पर अपील किया गया था ।

लम्बी लड़ाई के बाद इसमें बड़ी सफलता मिली है, आजमगढ़ का जिला पंचायत विभाग आकंठ भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है, पूर्व में जिला स्तरीय जांच में दोष सिद्ध पाया जा चुका है – अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत विद्या शंकर पाण्डेय, प्रभारी अभियंता रविंद्र यादव व अवर अभियंता, गणेश पाल प्रथम दृस्टया दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया था, जिला पंचायत अध्यक्ष भी इसमें बराबर के दोषी पाएं गए हैँ, अनूप गुप्ता (सदस्य विधान परिषद/प्रदेश महामंत्री भाजपा उत्तर प्रदेश) द्वारा पंचायती राज समिति उत्तर प्रदेश विधान परिषद में उठाए जाने के बाद से ही यह मामला गरमाया था जिसमे प्रमुख सचिव ने जवाब दिया दो वर्ष पूर्व जिला पंचायत आजमगढ़ में पूर्व में कराएं जा चुके कार्यों का अपने ठीकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर निकाला गया था आजमगढ़ के 09 अधिकारीयों ने किया जांच जिसमें पाया गया की 07 सड़कें टेंडर प्रक्रिया से पहले की ही बनी हुई हैँ,समाजवादी पार्टी की अध्यक्षता वाले जिला पंचायत आजमगढ़ में ऐसे भ्रष्टाचार लगातार होते रहते हैँ, विभागीय सहायक अभियंता, अवर अभियंता, टेंडर बाबू व अपर मुख्य अधिकारी की मिलीभगत से करने वाले थे भ्रष्टाचार, पकड़ में आने पर अब कुल एक करोड़ 27 लाख, 78 हज़ार का मामला सामने आया था, सूरज प्रकाश श्रीवास्तव में निवर्तमान जिला अध्यक्ष मीडिया से बातचीत में बताया कि माननीय राज्यपाल की ओर से जारी की गई नोटिस जिसमें वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों का सही तरीके से संपादन नहीं किया गया एवं उनका स्वयं को लाभ पहुंचाने के दृस्टिगत दुरूपयोग किया गया है, तथा पाया गया की जिला पंचायत अपने कर्तव्यों के पालन में असमर्थ रहें हैँ जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव मामले में प्रथम दृस्टया उत्तरदायी है,
अगर शासन को 30 दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो उनका वित्तीय शक्तियों पर रोक लगाते हुए उन्हें पद से भी हटाया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा जिला पंचायत अधिनियम 1961 की धारा 29 के अंतर्गत 3 वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक भी लग जाएगी|