अतरौलिया विकासखंड के सफाई कर्मी धर्मेंद्र की कुछ माह पूर्व सर्पदंश के कारण मृत्यु हो गई थी। उनकी असामयिक मौत से परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। धर्मेंद्र का वेतन खाता यूनियन बैंक में था, जिसमें बैंक की ओर से वेतन खाताधारकों को मिलने वाले इनबिल्ट फ्री एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर का लाभ शामिल था।
बीमा कवर के तहत धर्मेंद्र की नामिनी पत्नी राधिका को 40 लाख रुपये की बीमा राशि स्वीकृत की गई। जिलाधिकारी द्वारा राधिका को 40 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि संबंधित बैंक खाते के साथ उपलब्ध बीमा सुविधा के चलते मृतक कर्मचारी के परिवार को यह आर्थिक सहायता मिल सकी।
धर्मेंद्र की मृत्यु सर्पदंश के कारण हुई थी। घटना के बाद परिजनों ने बीमा लाभ के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। बैंक एवं संबंधित विभागीय स्तर पर दस्तावेजों की जांच और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बीमा क्लेम का निस्तारण किया गया। इसके पश्चात बीमा कंपनी की ओर से देय 40 लाख रुपये की राशि का चेक मृतक की नामिनी पत्नी राधिका को सौंपा गया।
जिलाधिकारी द्वारा चेक प्रदान किए जाने के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस सहायता को महत्वपूर्ण बताया गया। 40 लाख रुपये की राशि मिलने से परिवार को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।
बताया गया कि धर्मेंद्र नियमित रूप से सफाई कर्मी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी अचानक हुई मृत्यु से परिवार को गहरा आघात पहुंचा। परिवार की आय का महत्वपूर्ण आधार धर्मेंद्र की नौकरी थी। ऐसे में वेतन खाते से जुड़े बीमा कवर के माध्यम से मिली यह राशि परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बन सकती है।
वेतन खाते के साथ मिला था बीमा कवर
यूनियन बैंक में धर्मेंद्र का सैलरी अकाउंट था। सैलरी अकाउंट के साथ उपलब्ध इनबिल्ट फ्री एक्सीडेंटल इंश्योरेंस के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार बीमा कवरेज दिया गया था। इसी सुविधा के तहत उनकी नामिनी पत्नी राधिका को 40 लाख रुपये का लाभ मिला।
इस मामले से यह भी सामने आया कि कर्मचारियों के वेतन खातों के साथ मिलने वाली बैंकिंग सुविधाओं और बीमा कवर की जानकारी परिवार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। संबंधित खाताधारकों और उनके नामित परिजनों को अपने खाते से जुड़ी बीमा सुविधाओं, नामांकन और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी समय रहते रखने की आवश्यकता होती है।
परिवार को मिली बड़ी आर्थिक राहत
धर्मेंद्र की मृत्यु के बाद परिवार के सामने भविष्य की आर्थिक जरूरतों को लेकर चिंता थी। ऐसे समय में 40 लाख रुपये की बीमा राशि मिलना परिवार के लिए बड़ी आर्थिक सहायता है। जिलाधिकारी द्वारा चेक प्रदान किए जाने के बाद परिजनों ने इस सहायता के लिए संबंधित अधिकारियों और बैंक के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रशासन की ओर से भी पात्र परिवारों को उपलब्ध सरकारी एवं बैंकिंग योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर दिया गया। धर्मेंद्र के मामले में सैलरी खाते के साथ उपलब्ध फ्री एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर ने उनकी नामिनी को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।






