*TV 20 NEWS || AZAMGARH :ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और निर्माण गति में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी: केशव प्रसाद मौर्य*

प्रेस विज्ञप्ति

• *ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और निर्माण गति में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी: केशव प्रसाद मौर्य*
• *उप मुख्यमंत्री ने यूपीआरआरडीए (UPRRDA) की समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश*
• *लापरवाह अधिकारियों एवं डिफाल्टर ठेकेदारों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई*

लखनऊ। दिनांक 20-10-2026, उत्तर प्रदेश के माननीय उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) के अंतर्गत ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ (PMGSY) के कार्यों की गहन समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने, गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण तथा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के संदर्भ में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए । उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीण भारत की प्रगति और समृद्धि की जीवन रेखा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ठेकेदारों के नियमानुसार भुगतान प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न की जाए, ताकि कार्य की गति प्रभावित न हो और वर्षा ऋतु के कारण क्षतिग्रस्त एवं गड्ढायुक्त ग्रामीण मार्गों को लेकर अधिकारियों को विशेष अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर गड्ढामुक्त कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो और उनकी यात्रा सुरक्षित एवं सुगम बनी रहे। गड्ढायुक्त सड़कों के कारण आमजन, किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों को होने वाली असुविधा को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि सड़कों की स्थिति का नियमित आकलन किया जाए तथा आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

*PMGSY Phase-3 और Phase-4 पर विशेष जोर*
उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के Phase-3 के अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों की स्थिति का सटीक आकलन करने और बचे हुए कार्यों को तीव्र गति से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीण मार्गों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें नियमानुसार शीघ्रता से लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित/उपलब्ध कराया जाए ताकि उनका रख-रखाव सुचारू रूप से हो सके। इसके साथ ही उन्होंने PMGSY Phase-4 की कार्य योजना के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए अभी से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के आदेश दिए।

श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि: अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसे ठेकेदार जिन्होंने समयावृद्धि (Time Extension) मिलने के बावजूद कार्य समय पर पूरा नहीं किया है, या जिनके कार्यों में अनियमितता अथवा गुणवत्ता में कमी पाई गई है, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने तथा कानूनी/प्रशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्कविहीन बस्तियों को बारहमासी, पक्की एवं हर मौसम में चालू रहने वाली सड़कों से जोड़ना है। इससे ग्रामीणों को कृषि मंडियों (GrAMs), विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों तथा रोजगार के अवसरों तक सुगम पहुंच उपलब्ध होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत बनाने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीण जनता को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके।

*डिजिटल रूप में हो प्रगति एवं वित्तीय प्रबंधन निगरानी*
उप मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण एवं रखरखाव की प्रभावी निगरानी के लिए डिजिटल प्रणालियों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि OMMAS (Online Management, Monitoring and Accounting System) के माध्यम से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की प्रगति, वित्तीय प्रबंधन एवं संबंधित सूचनाओं की नियमित निगरानी की जाए। वहीं, सड़कों के रखरखाव की स्थिति पर नजर रखने के लिए e-MARG डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग किया जाए, जिससे सड़कों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक मरम्मत समय से कराई जा सके। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए त्रि-स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था (3-Tier Quality Control) का कड़ाई से अनुपालन करने पर जोर दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच, पारदर्शी निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

*विभाग द्वारा शत-प्रतिशत अनुपालन का आश्वासन*
बैठक के दौरान ग्राम्य विकास प्रमुख सचिव एवं आयुक्त ग्राम्य सहित अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया, समीक्षा बैठक में मा. उप मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों का अक्षरशः एवं प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।