आजमगढ़। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव संदीप कपूर ने प्रेस को जारी बयान में सपा पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि पांच वर्ष तक सपा को मुसलमानों के दुख-दर्द से कोई सरोकार नहीं रहा। जबकि अखिलेश यादव इस बीच शादी में शिरकत करने आजमगढ़ आए लेकिन जब बिलरियागंज में एनआरसी के दौरान जब महिलाओं के साथ अत्याचार किया गया तो वह मौन साध लिए। जबकि यहां के मुस्लमानों ने उन्हें सासंद चुना था किंतु वह अपने कर्तव्यों से मुंह चुराते नजर आए। सपा का चाल-चरित्र बता रहा कि आज सपा-भाजपा की गोद में खेल रही है और भाजपा की बी टीम बन अल्पसंख्यकों पर भाजपा की अत्याचार करने वाले गेम का हिस्सा बनकर वोट की राजनीति कर रही हैं। अखिलेश यादव के हाथों में जब से सपा की कमान आई वह एक जाति विशेष के नेता बन चुके है इसका उदाहरण उनके ही पार्टी के संस्थापक सदस्य आजम खान को जेल में बंद होने के बाद उन्होंने उनसे रिश्ता ही तोड़ लिया। अब अल्पसंख्यक समुदाय का सपा से मोह भंग हो चुका है। उन्होंने कहा कि दस विधानसभा सीटों वाले आजमगढ़ जनपद में कांग्रेस ने चार अल्पसंख्यकों को अपना प्रत्याशी बनाया है वहीं सपा ने इन्हें तीन से दो कर दिया और एक जाति विशेष के लोगों पर ही अपना विश्वास जताया हैं। इससे साफ है कि सात प्रतिशत समाज के नेता आज अखिलेश यादव 20 फीसद मुसलमानों का वोट लेकर मुख्यमंत्री तो बनना चाहते है किंतु उनके अधिकार और मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार सहित उनसे संबंधित जनहित के मुद्दों पर कतराते नजर आ रहे है। आज अल्पसंख्यक समाज समझ चुका है कि कांग्रेस ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जो अल्पसंख्यक समाज के लिए जमीनी संघर्ष कर रही हैं। जिसका प्रमाण प्रियंका गांधी का बिलरियागंज में आकर मुस्लिम समुदाय की पीड़ा को समझा और खड़े होकर भाजपा के खिलाफ अन्याय की सीधी लड़ाई लड़ी।






