प्रेस नोट
आजमगढ़ 15 मार्च– जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने अवगत कराया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी अधिकृत चिकित्सक के आदेश के बिना सार्वजनिक स्थान पर बच्चे को नशीली शराब/मादक औषधि या तम्बाकू उत्पाद देता या दिलवाता है तथा किसी व्यक्ति द्वारा बच्चे से शराब/ड्रग्स/तम्बाकू की सप्लाई करवाना अथवा नशीला शराब या नशीले पदार्थ/मादक औषधि के विक्रय, फुटकर क्रय-विक्रय, साथ रखने, आपूर्ति करने अथवा दुर्व्यापार में बच्चे का उपयोग करने की गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा-77 एवं 78 के अन्तर्गत प्रभावी विधिक कार्यवाही की जाय, साथ ही सिगरेट और तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य उत्पाद, प्रयाय और विवरण व विनिमयन) अधिनियम, 2003 की धारा-6 में की गई व्यवस्था के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति से और किसी शैक्षणिक संस्था की 100 गज की परिधि के भीतर किसी स्थान पर सिगरेट या किसी अन्य तम्बाकू उत्पाद के विक्रय को प्रतिषेध किया गया है।
उन्होने कहा कि जो कोई किसी बालक का किसी मादक लिकर, स्वापक औषधि, मन प्रभावी पदार्थों के विक्रय, फुटकर क्रय विक्रय, साथ रखने पूर्ति करने या तस्करी करने के लिए उपयोग करेगा, वह कठिन कारावास से जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी और एक लाख रूपये तक के जुर्माने से भी दंडनीय होगा।
जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक से अपेक्षा किया है कि विशेष अभियान चलाकर शैक्षणिक संस्थाओं की 100 गज की परिधि के भीतर सम्बंधित ापवे की दुकानों को हटाया जाना सुनिश्चित कराने हेतु सभी थानों के प्रभारी निरीक्षकों/थानाध्यक्षों को निर्देशित करने तथा थानावार दैनिककृत कार्यवाही से निर्धारित प्रारूप पर सूचना उपलब्ध करायें।
—–जि0सू0का0-आजमगढ़-15.03.2022——-






