डटकर इलाज करायें, कुष्ठ रोग को दूर भगायें
• इलाज करने से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं कुष्ठ रोग के मरीज – डॉ रामचन्द्र चौहान
• इलाज कराने से विकृति विकलांगता से बचा जा सकता है
आजमगढ़, 17 मार्च 2022
जिले में कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान 30 जनवरी से 13 फरवरी तक चलाया गया। विभाग द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर–घर जाकर कुष्ठ रोग पर लोगों को जागरूक किया गया। वहीं कुष्ठ रोगियों की पहचान कर उनका नि:शुल्क उपचार किये जाने का प्रावधान है। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ सीपी गुप्ता ने कहा कि कुष्ठ रोग के प्रति समाज को जागरूक करने की जरूरत है। लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज कराने से विकृति विकलांगता से बचा जा सकता है।
जिला कुष्ठ पर्यवेक्षक अधिकारी डॉ रामचन्द्र चौहान ने बताया कि जिले में 30 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक इस अभियान में कुल 10 नये कुष्ठ रोगी खोजे गए हैं। जिसके साथ ही जिले में अप्रैल 2021 से अब तक 164 मरीज ठीक हुए हैं। साथ ही कुल 141 कुष्ठ रोगियों का इलाज किया जा रहा है।
डॉ चौहान ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेजों में भी इसकी मुफ्त जांच एवं उपचार की व्यवस्था है| कुष्ठ रोग के इलाज के लिए मल्टीड्रग थेरेपी (एमडीटी) का उपयोग किया जाता है। दवा की नियमित एवं पूरी खुराक से कुष्ठ का पूर्ण इलाज संभव है| स्वास्थ्य विभाग ऐसे रोगियों के समुचित उपचार के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है| उन्होंने कहा हमें जरूरत है की हम जहां कहीं भी कुष्ठ रोगियों को देखें उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाए।
डॉ रामचंद्र चौहान ने कहा की कुष्ठ रोग छुआछूत और न ही जन्म से होता है | लोगों में कुष्ठ रोग से डरने की नहीं बल्कि जागरूक होकर इलाज करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है | यह एक संक्रमण की बीमारी है जो कि माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होती है| यह बीमारी समय से और डॉक्टर के बताए गए अवधि तक दवा की अवधि (कोर्स) पूरी कर लेने से मरीज ठीक हो कर सामान्य जीवन जी सकता है।
लक्षण – चमड़ी का वह भाग जिसमें सूजन व सुन्नपन हो, हाथ पैर की नसों में मोटापा, सूजन या झनझनाहट,शरीर पर गांठ और लाल रंग की सूजी हुई त्वचा, चेहरा, कान का निचला हिस्सा मोटा हो जाना व गांठ का पड़ जाना,पैर की उंगली में टेढ़ापन, हाथ व पैर से पूरी क्षमता से काम का ना होना, आंख बंद करने में परेशानी होना इसके लक्षण हैं।
बचाव- घाव को साफ करके उसे साफ विसंक्रमित कपड़े से ढक कर रखना चाहिए। खुले घाव में कोरोना का संक्रमण आसानी से अपना प्रभाव दिखा सकता है। ऐसे रोगियों को कुछ समय के अंतराल पर घाव पर ढके कपड़े को साबुन और गर्म पानी से धोकर धूप में सुखाना चाहिए । कुष्ठ रोग से बचाव के लिए चोट से बचें और घाव को साफ रखें। कुष्ठ रोग की दवा सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क उपलब्ध होती है।
ब्लॉक तलवार से कुष्ठ रोग से ठीक हुए मरीज बब्लू 24 वर्ष ने बताया कि दो-तीन चकत्ते और सुन्नपन होने लगे थे। हमारी 6 फरवरी 2021 को जांच हुई और एक जनवरी 2022 को दवा की अवधि पूरी हो गई। अब मैं बिल्कुल ठीक हूँ। वहीं ब्लॉक फूलपुर से सरोज उम्र 31 वर्ष ने बताया कि कई महीने से मेरी शरीर के कुछ हिस्सों पर तांबे के रंग के चकत्ते दिख रहे थे। 23 अगस्त 2021 को स्वास्थ्य केंद्र पर जांच हुई और उसी दिन से मेरी दवा शुरू की गई। 20 जनवरी 2022 तक नियमित दवा का सेवन करता रहा। आज मैं पहले जैसा हूँ, अब मुझे कोई दिक्कत नहीं है।






