आजमगढ़ : महामंत्री प्रो. प्रदीप सिंह ने बढ़ाया आजमगढ़ का गौरव : डा प्रवेश

महाविद्यालय शिक्षक संघ ने दी बधाईयां
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक संघ (उच्च शिक्षा) लखनऊ (फुपुक्टा) इकाई के चुनाव-2022 में महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़ के प्राध्यापक प्रो0 प्रदीप कुमार सिंह को महामंत्री चुने जाने से हर्ष व्याप्त है। आजमगढ़ के गहजी/शम्भुपुर पूरा के निवासी प्रो प्रदीप कुमार सिंह को गृह जनपद़ व मऊ शिक्षकों द्वारा लगातार बधाईयां दिए जाने का क्रम जारी है। बीते 25 सिंतबर को सम्पन्न लखनऊ में सम्पन्न हुआ चुनाव में आजमगढ़ के लाल प्रो प्रदीप कुमार सिंह ने अपने प्रतिद्वंदी को 108 मतों से पराजित किया।
बधाई देते हुए महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा प्रवेश सिंह ने कहाकि उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक संघ (उच्च शिक्षा) जैसे प्रदेशस्तरीय चुनाव में प्रो प्रदीप कुमार सिंह ने महामंत्री पद को सुशोभित किया। उन्होंने पूरे आजमगढ़ मऊ जनपद के शिक्षकों को गौरवान्वित करने का काम किया है। शिक्षक हितों को लेकर श्री सिंह ने लगातार कार्य किया और इसी का परिणाम है कि आज  उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ हैं। अब उनकी आवाज पूरे प्रदेश में गुजेंगी और शिक्षक हितों की पूर्ति कराएगी।
महाविद्यालय शिक्षक संघ से वार्ता के दौरान प्रो0 प्रदीप कुमार सिंह ने आभार प्रकट करते हुए आश्वासन दिया है कि पीएचडी इन्क्रीमेंट, कैशलेस चिकित्सकीय सुविधा, बगैर एनओसी व रोस्टर रहित के स्थानांतरण, पुरानी पेंशन बहाली के साथ शिक्षक समाज के साथ होने वाले विसंगतियों को प्राथमिकता के साथ निदान कराए जाने का कार्य किया जाएगा। महामंत्री डा इन्द्रजीत, व विवि प्रतिनिधि डा जिम्मी ने कहाकि आजमगढ़ की सरजमीं के होनहार साथी को फुपुक्टा का महामंत्री चुना जाना आजमगढ़-मऊ के शिक्षकों की जीत है। बताते चले कि प्रो प्रदीप कुमार सिंह की प्राथमिक शिक्षा-दीक्षा गहजी में ही हुई। उच्च शिक्षा के लिए वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय चले गए। इनके पिता धर्मराज सिंह, कोयलसा पीजी कालेज में बतौर प्राध्यापक सेवा दे चुके है साथ ही उन्होंने शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष के रूप में भी शिक्षकों की अगुवाई किया है। बधाई देने वालों में डा अलाउद्दीन, डा जिम्मी, डा इन्द्रजीत, डा राजीव, डा प्रवेश सिंह, डा अरविन्द, डा अतुल, डा रूपेन्द्र, डा अमरजीत, डा हरीलाल, डा जयराम, डा युवराज, डा मनमोहन आदि ने शामिल रहे।
भवदीय