TV 20 NEWS || AZAMGARH; डेटा आधारित मॉनिटरिंग से मजबूत होगा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम : डॉ. एन. आर. वर्मा
आजमगढ़ 20 मई 2026
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में “छूटे हुए लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए टीकाकरण डेटा को सशक्त बनाने” विषय पर जिला स्तरीय संवेदनशीलता प्रशिक्षण एवं चरणबद्ध प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य नियमित टीकाकरण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना तथा डेटा आधारित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा प्रणाली को मजबूत करना रहा।
प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम केवल बच्चों को टीका लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक लाभार्थी तक सही समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सटीक एवं गुणवत्तापूर्ण डेटा के माध्यम से ही छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमा शरण पांडेय ने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी तथा जमीनी स्तर पर टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. ए. अज़ीज़ ने कहा कि डेटा की गुणवत्ता में सुधार एवं नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से टीकाकरण कार्यक्रम की वास्तविक प्रगति का सही आकलन संभव हो सकेगा।
प्रशिक्षण में डिप्टी सीएमओ डाॅ मोहन लाल, डाॅ अविनाश झा, एडीआरओ अम्बरीष चंद्र शिवम , एआरओ अंजू सिंह,अजीत यादव सहित जिले के सभी बीएमओ, एआरओ, यूएनडीपी, जेएसआई जिला समन्वयक, अर्बन कोऑर्डिनेटर, एडीआरए जिला समन्वयक, अर्बन एमओआईसी तथा जेएसआई स्टेट टीम के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की।
जेएसआई स्टेट टीम से श्री दिलीप गोविंद, जिला समन्वयक पवन पांडेय तथा एआरओ श्री हरिलाल यादव द्वारा प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान टीकाकरण डेटा की गुणवत्ता, अभिलेखीकरण एवं रिपोर्टिंग, डेटा सत्यापन, डेटा मिलान प्रक्रिया, जीरो डोज कार्यक्रम के क्रियान्वयन तथा कार्यक्रम की निगरानी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को डीक्यूए टूल एवं इम्पैक्ट डैशबोर्ड के उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि डीक्यूए टूल एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए टीकाकरण से जुड़े आंकड़ों की शुद्धता की जांच की जाती है, ताकि रजिस्टर एवं रिपोर्ट में किसी प्रकार की गलती या अंतर होने पर उसे समय रहते सुधारा जा सके। वहीं इम्पैक्ट डैशबोर्ड के माध्यम से टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति, छूटे हुए बच्चों की स्थिति तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन की ऑनलाइन निगरानी आसानी से की जा सकती है। इससे स्वास्थ्य विभाग को योजनाओं की समीक्षा करने एवं आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलती है।
सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि चरणबद्ध प्रशिक्षण को जिले के सभी ब्लॉकों में बीएमओ एवं एआरओ के माध्यम से शीघ्र आयोजित कराया जाए। बताया गया कि कैस्केड प्रशिक्षण का तात्पर्य है कि एक प्रशिक्षित एवं दक्ष व्यक्ति अपने अधीनस्थ कर्मियों को प्रशिक्षित करेगा और इसी प्रकार क्रमवार सभी स्तरों तक प्रशिक्षण पहुंचाया जाएगा। इसकी नियमित निगरानी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के स्तर से की जाएगी।






