*TV 20 NEWS ||AZAMGARH: कृषक गोष्ठी सह जैव उर्वरक अभियान कार्यक्रम का‌ भव्य आयोजन*

कृषक गोष्ठी सह जैव उर्वरक अभियान कार्यक्रम का‌ भव्य आयोजन

आजमगढ़ 20 मई 2026/
आज धरती माता बचाओ अभियान के तहत कृषि विभाग एवं इफको के सहभागिता से कृष्णा पटेल महाविद्यालय रहुआर, बड़ौली हरैया में कृषक गोष्ठी सह जैव उर्वरक अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राम सकल पटेल पूर्व अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक लिमिटेड आजमगढ़ द्वारा बताया गया कि कृषि उत्पादन बढ़ाने की होड़ में रासायनिक उर्वरकों विशेष कर यूरिया का अत्यधिक उपयोग किसानो के साथ-साथ खेती की सेहत के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है।

इफको क्षेत्र प्रबंधक जियाद्दीन सिद्दीकी द्वारा बताया आवश्यकता से अधिक उर्वरकों के प्रयोग से शुरुआती दौर में तो फसल हरी भरी और आकर्षक दिखाई देती है लेकिन लंबे समय मैं इससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता और फसल की गुणवत्ता दोनों को भारी नुकसान पहुंचता है। अत्यधिक यूरिया और रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिससे उनमें रोग एवं कीटों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है इसके अलावा कमजोर जड़े पौधो की जड़े अंदर से कमजोर होने लगती है जिससे तेज हवा या बारिश में फसल गिरने की संभावना बढ़ जाती है। लागत में वृद्धि, दानो की चमक और गुणवत्ता प्रभावित होती है । नतीजा यह है कि किसान की उत्पादन लागत तो बढ़ जाती है लेकिन बाजार में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है लगातार रासायनिक खादों के इस्तेमाल से भूमि में मौजूद जरूरी पोषक तत्व धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं जिससे मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता घट जाती है, इतना ही नहीं ये रासायनिक तत्व रिसकर जमीन के नीचे चले जाते हैं जिससे भूजल प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण पर भी इसका बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जैविक खाद गोबर की खाद कंपोस्ट और नैनो यूरिया के प्रयोग को बढ़ावा देकर भूमि की सेहत को सुरक्षित रखा जा सकता है। संतुलित उर्वरक उपयोग ही बेहतर उत्पादन एवं कम लागत और स्वस्थ कृषि का एकमात्र आधार है किसान भाई यूरिया के अंधाधुंध प्रयोग से बचे और जैविक विकल्पों एवं नैनो उर्वरक यथा नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो कॉपर,नैनो जिंक के विकल्प को अपनाए।

ए.डी.ओ. कृषि हरैया दिलीप कुमार द्वारा कहा गया की बढ़ते खतरे को देखते हुए कृषि विभाग के किसानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है विभाग ने किसानों से निम्नलिखित कदम उठाने को कहा किसान सबसे पहले अपने खेत की मिट्टी की जांच करवाए और रिपोर्ट के आधार पर ही जरूरत के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करें संतुलित अनुपात नाइट्रोजन फास्फोरस एवं पोटाश का संतुलित और सही मात्रा में उपयोग अपनाए।
जैविक खाद, गोबर की खाद, कंपोस्ट और नैनो यूरिया के प्रयोग को बढ़ावा देकर भूमि की सेहत को सुरक्षित रखा जा सकता है।

कार्यक्रम में नैनो उर्वरक एवं जैव उर्वरक के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु किसानो के मध्य इसका निशुल्क वितरण किया गया। कार्यक्रम में इफको एमसी के सतीश यादव द्वारा किसानों को कीट एवं बीमारियों के रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया। गोष्ठी में हरि रामपाल,दीप चंद यादव,माधुरी पाल,रवि भारती, हरिश्चंद्र पटेल, कैलाश सिंह आदि प्रगतिशील किसानों ने भी भाग लिया।