*TV 20 NEWS || AMBEDKAR NAGAR:अम्बेडकरनगर में मांगों को लेकर लेखपालों का हल्लाबोल, तहसील दिवस का बहिष्कार*
अम्बेडकरनगर। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिले के लेखपालों ने आंदोलन का रुख तेज कर दिया है। वेतनमान में बढ़ोतरी, पदोन्नति, तकनीकी सुविधाओं सहित कई मांगों को लेकर जिले की सभी तहसीलों में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान लेखपालों ने तहसील परिसर में बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और शासन-प्रशासन से जल्द समाधान की मांग उठाई।
लेखपालों के आंदोलन के चलते तहसील स्तर पर होने वाले तहसील दिवस का भी बहिष्कार किया गया। लेखपालों का कहना है कि लंबे समय से उनकी विभिन्न समस्याएं लंबित हैं, लेकिन कई बार मांग उठाए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते संगठन के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है।
तहसील परिसरों में दिया धरना
जिले की सभी तहसीलों में लेखपाल निर्धारित कार्यक्रम के तहत धरने पर बैठे। सुबह से ही तहसील परिसर में लेखपालों की मौजूदगी रही। धरने के दौरान उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन कर रहे लेखपालों ने कहा कि राजस्व विभाग के कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है और लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों के बावजूद उनकी कई मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
लेखपालों ने वेतनमान में सुधार और पदोन्नति से जुड़ी मांगों के साथ-साथ कामकाज के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि मौजूदा समय में राजस्व संबंधी अधिकांश कार्य तकनीक आधारित हो गए हैं। ऐसे में बेहतर कार्य निष्पादन के लिए पर्याप्त तकनीकी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
अकबरपुर में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
आंदोलन के दौरान अकबरपुर तहसील में लेखपालों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। लेखपालों ने मांगों के संबंध में शासन स्तर पर प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण कराया जाए, ताकि कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष दूर हो सके।
लेखपालों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। यदि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे भी प्रदर्शन जारी रहेगा।
चरणबद्ध आंदोलन जारी
लेखपालों के संगठन की ओर से आंदोलन के अगले चरणों की भी तैयारी की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8, 10, 12, 14, 17 और 24 अक्टूबर को भी अलग-अलग चरणों में प्रदर्शन प्रस्तावित है। लेखपालों का कहना है कि मांगों के समाधान तक आंदोलन को तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।
आंदोलन के दौरान लेखपालों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। तहसील परिसरों में धरने और प्रदर्शन के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। लेखपालों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।
मांगों के समाधान की उम्मीद
लेखपालों के आंदोलन के बीच अब उनकी नजर शासन और प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। वहीं, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदर्शन जारी रखने की तैयारी है।
फिलहाल अम्बेडकरनगर जिले की विभिन्न तहसीलों में लेखपालों का चरणबद्ध आंदोलन जारी है। वेतनमान, पदोन्नति और तकनीकी सुविधाओं समेत अन्य मांगों को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन ने राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को एक बार फिर सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है, यह शासन-प्रशासन की ओर से मांगों पर की जाने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।






