*TV 20 NEWS || AZAMGARH :राष्ट्र नायक नाट्य यात्रा के अंतर्गत 11 अक्टूबर को हरिऔध कला केन्द्र में होगा ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक का मंचन*
जयशंकर प्रसाद की अमर कृति ‘ध्रुवस्वामिनी’ के माध्यम से नारी चेतना, स्वाभिमान एवं सामाजिक मूल्यों का होगा प्रभावी प्रस्तुतीकरण
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, युवाओं, साहित्यकारों, कलाकारों, रंगकर्मियों एवं जनपदवासियों से कार्यक्रम में सहभागिता की अपील
आजमगढ़, 09 अक्टूबर 2026।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भारतेन्दु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन के क्रम में प्रदेश के समस्त जनपदों में ‘राष्ट्र नायक नाट्य यात्रा’ के अंतर्गत ऐतिहासिक नायकों, स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्र नायकों तथा महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियों के आयोजन एवं मंचन के निर्देश शासन द्वारा दिए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना, साहित्यिक परंपराओं तथा स्थानीय गौरव को रंगमंच के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है।
इसी क्रम में जनपद आजमगढ़ में 11 अक्टूबर 2026 को हरिऔध कला केन्द्र में ‘राष्ट्र नायक नाट्य यात्रा’ के अंतर्गत जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध ऐतिहासिक नाट्य कृति ‘ध्रुवस्वामिनी’ का मंचन किया जाएगा। इस नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को भारतीय इतिहास, साहित्य, नारी चेतना, आत्मसम्मान एवं सामाजिक मूल्यों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को रंगमंचीय अभिव्यक्ति के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा।
शासन स्तर से निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत दिल्ली की सिलीसोल्स फाउंडेशन की निर्देशिका प्रियंका शर्मा के निर्देशन में ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। यह प्रस्तुति हिंदी साहित्य के प्रमुख रचनाकार जयशंकर प्रसाद की कालजयी रचना पर आधारित होगी, जो अपनी वैचारिक गहराई, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और नारी स्वाभिमान के सशक्त चित्रण के लिए विशेष महत्व रखती है।
जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि ‘ध्रुवस्वामिनी’ जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक प्रसिद्ध समस्या प्रधान ऐतिहासिक नाटक है, जिसकी पृष्ठभूमि प्राचीन भारत के गुप्तकाल से जुड़ी है। नाटक में नारी के व्यक्तित्व, उसकी स्वतंत्र चेतना, आत्मसम्मान, निर्णय लेने की क्षमता तथा सामाजिक परिस्थितियों के बीच उसके अधिकारों से जुड़े प्रश्नों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह नाट्य कृति नारी को केवल परंपरागत भूमिकाओं तक सीमित न मानकर एक स्वतंत्र विचारशील व्यक्तित्व के रूप में देखने की दृष्टि प्रदान करती है।
‘राष्ट्र नायक नाट्य यात्रा’ केवल नाटकों के मंचन तक सीमित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने, ऐतिहासिक एवं साहित्यिक धरोहर के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर कला और रंगमंच को प्रोत्साहित करने का व्यापक अभियान है। ऐसे आयोजन युवाओं और विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास, साहित्य, सांस्कृतिक मूल्यों एवं सामाजिक सरोकारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि रंगमंच समाज के सामने विचारोत्तेजक प्रश्न प्रस्तुत करने, ऐतिहासिक प्रसंगों को जीवंत बनाने तथा सामाजिक चेतना को व्यापक स्वरूप देने का सशक्त माध्यम है। ‘ध्रुवस्वामिनी’ जैसी महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति का मंचन दर्शकों को नारी गरिमा, स्वाभिमान, मानवीय मूल्यों और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर विचार करने का अवसर प्रदान करेगा।
जिला सूचना अधिकारी ने जनपद के समस्त स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, युवाओं, साहित्यकारों, कलाकारों, रंगकर्मियों एवं आम जनमानस से अपील की है कि वे 11 अक्टूबर 2026 को हरिऔध कला केन्द्र में आयोजित होने वाले इस नाट्य मंचन में सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाएं तथा जनपद की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।






