आजमगढ़। पूरे प्रदेश में पंचायत चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक डा संग्राम यादव, व नफीस अहमद शुक्रवार को संयुक्त रूप से मीडिया से रूबरू हुए।
शहर स्थित अपने परानापुर आवास पर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता विधायक डा संग्राम यादव ने कहा कि भाजपा की आजमगढ़ में बुरी पराजय हुई, जिससे पूरे देश में संदेश गया कि आजमगढ़ में सपा बेहद मजबूत है। इससे बौखलायी योगी सरकार ने जनपद के कुछ ब्लाकों को टारगेट पर रखा है और ऐन-केन प्रकारेण किसी भी स्तर पर जाकर अधिकारियों की मदद से भाजपा ब्लाक प्रमुख पद पर जबरन कब्जा चाहती है। आजमगढ़ के अतरौलिया, कोयलसा, रानी की सराय ब्लाक चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कि अतरौलिया में गुरूवार को लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया गया। ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी चन्द्रशेखर यादव ने शांतिपूर्ण तरीके से नामांकन किया और उनके साथ खड़े बीडीसी सदस्य जो कि निरक्षर थे उनके साथ गाइडलाइन के अनुसार रक्त सहयोगी साक्षर सहयोगी थे और समय सीमा के अंदर क्रमबद्ध तरीक से सहायक चुनाव अधिकारी संजय सिंह के समक्ष आवेदन किया जिसकी रिसिविंग भी मिल गयी लेकिन भाजपा ने देखा कि उनके समर्थक कम है जिसके बाद वह बौखला गयी। अचानक ऊपर से आये किसी के आदेश के बाद अधिकारी दबाव में आ गये और इस सीट पर दशकों से सपा का परचम लहरता आया है लेकिन कुछ भाजपा नेताओं के कहने पर प्रशासन अविवेक निर्णय ले लगा। संग्राम यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के राइफल धारी कुछ नेताओं ने निर्वाचन अधिकारी को डराया धमकाया और डांटा जिसके बाद मैंने उक्त प्रकरण की शिकायत डीएम,एसपी से किया। लेकिन अधिकारियों ने निष्पक्ष होने की बात हीं सीडीओ ने पूरे कागज को रखवाया लेकिन वह असहज है। जिस निर्वाचन अधिकारी की तैनाती डीएम ने किया लेकिन आज उसी अधिकारी को पद से हटाने के लिए वह खुद आयोग को पत्र लिखकर अधिकारी को अनभिज्ञ बता रहे है। आनन फनन में तहसीलदार बूढनपुर शशिप्रकाश सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त कर मामले की जांच कराने का आदेश दिया गया। लगातार सुबह-शाम बीडीसी सदस्यों के लिए छापेमारी की कार्यवाही की जा रही है, चन्द्रेशखर यादव के प्रस्तावक के घर कानूनगो-लेखपाल पहुंच गये और उनके घर को बंजर भूमि पर बताते हुए नापने आदि की धमकी दी गयी। डा यादव यहीं नहीं रूके उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि कोयलसा में रात्रि में छापेमारी की जा रही है और एसओ ने एक बीडीसी को उठाकर शराब व्यापारी संतोष यादव जो कि भाजपा का ब्लाक प्रमुख का उम्मीदवार है उन्हें लेजाकर सुर्पुद कर दिया। इस आराजकता को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज भी कसा है कि डीएम एसपी चुनाव लड़ रहे है। कल चुनाव है इसको लेकर सपा ने पहले भी अवगत कराया है कि 2010 में अतरौलिया में घटना हो चुकी है, गोली भी चली थी। सत्ता मे मद में चूर अधिकारी लोकतंत्र का गला घोंट रहे है ऐसे मौके पर मीडिया हमारी बात को प्रशासन और जनता के बीच पहुंचाये। संग्राम यादव ने प्रशासन के लेगों से कहा कि रात कितनी भी घनी हो, अंधेरा कितना भी हो घना हो सुबह जरूर होगी। विधायक श्री यादव ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के पराजय के हार की खीझ मिटाने के लिए भाजपा ने कुछ ब्लाकों को टारगेट पर लेकर सरकारी मशीनरी और सत्ता का दुरूपयोग कर रही है। कम्पेनिंग आदि को लेकर भी अधिकारियों द्वारा परेशान किया गया लेकिन चुनाव नतीजे जब आयेंगे तो अतरौलिया, कोयलसा, रानी की सराय, अहरौला ब्लाक पर सपा के प्रत्याशी की जीत होगी। इसके बाद पवई ब्लाक के मामले पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि योगी सरकार लेकतंत्र पर जबरन कब्जा करना चाहती है लेकिन आजमगढ़ में उसकी दाल नहीं गलेगी। आजमगढ़ में बड़े पैमाने पर क्षेत्र पंचायत चुनाव मे सपा जीत दर्ज करेगी। इसके साथ ही पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि लोकतंत्र का गला घोटंने वाली भाजपा सत्ता के नशे में चूर है जिसके कारण वह जनता की नजरों में गिर चुकी है और आगामी चुनाव में ऐसी सरकार को जनता उखाड़ फेंकने का काम करेगी।
भवदीय






