मऊ। लगातार पांच बार से विधायक मुख्तार अंसारी अब सुभासपा के टिकट पर सदर विधानसभा से चुनाव नहीं लड़ेंगे। वह अपने बेटे को विरासत में मऊ की सदर सीट से इस बार सुभासपा-सपा गठबंधन से चुनाव मैदान में उतारा है। सोमवार को बेटे अब्बास अंसारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्तार के अधिवक्ता दरोगा सिंह के साथ सदर विधानसभा के आरओ के यहां नामांकन दाखिल करने के लिए पहुंचे और अपना नामांकन दाखिल किया। इस बीच उन्होंने ऐलान किया कि अब मुख्तार अंसारी की सीट पर केवल अब्बास अंसारी ही चुनाव लड़ेंगे। अचानक मुख्तार अंसारी द्वारा सदर सीट को वरासत में बेटे को दिए जाने से चर्चाएं तेज हो गई है।गौरतलब है कि 17वीं विधानसभा चुनाव में बसपा से मुख्तार अंसारी ने 356 मऊ सदर विधानसभा से चुनाव जीत दर्ज की तो उनके बड़े बेटे अब्बास अंसारी ने बसपा से ही घोसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में बसपा के प्रत्याशी अब्बास अंसारी 81,295 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। वहीं इस चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी फागू चौहान 88,298 वोट पाकर जीत हासिल किए थे। इस बार घोसी विधानसभा सीट पर भाजपा से सपा में आए मंत्री दारासिंह चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में मजबूत दस्तक देने व दूसरे नंबर पर रहने वाले अब्बास को इस बार टिकट नहीं मिला है। इधर सदर सीट से विधायक मुख्तार अंसारी लगातार पांच जीत दर्ज कर चुके हैं। इस बार सुभासपा के बैनर तले उनके बेटे मैदान में उतर चुके हैं।






