आजमगढ़ : प्रेक्षक श्री नीलकण्ठ टीकम की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में 69-आजमगढ़ लोक सभा उप निर्वाचन-2022 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भिक एवं शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियां के साथ बैठक की आयोजित की गयी।

प्रेस नोट
आजमगढ़ 13 जून– मा0 प्रेक्षक श्री नीलकण्ठ टीकम की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में 69-आजमगढ़ लोक सभा उप निर्वाचन-2022 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भिक एवं शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियां के साथ बैठक की आयोजित की गयी।
मा0 प्रेक्षक ने सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि इस समय ईवीएम की कमिशनिंग का कार्य चल रहा है, आप सभी अपने प्रतिनिधियों को तैनात कर दें। उन्होने आरओ/एआरओ से कहा कि राजनैतिक दलों के आवेदनों को पेंडिंग में न रखें, उनके आवेदनों को तत्काल निस्तारित करें। उन्होने जन प्रतिनिधियों से कहा कि मॉकपोल के दौरान अपने एजेन्टों को समय से तैनात कर दें, 15 मिनट इंतजार करने के बाद यदि कोई नही आता है तो मॉकपोल करा दिया जायेगा।
उन्होने कहा कि सभी दलों/अभ्यर्थियों को निर्वाचन के समान अवसर सुनिश्चित किया जायेगा तथा इन्हें सार्वजनिक स्थान जैसे मैदान और हेलीपैड निष्पक्ष रूप से उपलब्ध कराए जायेंगे। उन्होने कहा कि निर्वाचनों के दौरान अन्य राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों की आलोचना केवल उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और कार्यों तक ही सीमित होनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति के शांतिपूर्ण और व्यवधानमुक्त घरेलू जीवन का अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित होना चाहिए। उन्होने निर्देश दिया कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों को प्रस्तावित सभाओं के आयोजन के स्थल और समय की पूरी जानकारी होनी चाहिए और सभी आवश्यक अनुमति पर्याप्त समय पहले ले ली जाए। प्रस्तावित सभा के स्थान पर लागू प्रतिबंध या निषेध आदेश यदि कोई हो, तो उनका पूर्णतः सम्मान किया करें। छूट, यदि आवश्यक हो, के लिए, समय रहते आवेदन किया जाना चाहिए और इसे समय रहते प्राप्त करें। प्रस्तावित सभाओं के लिए लाउडस्पीकर या ऐसी किसी अन्य सुविधा के प्रयोग के लिए अनुमति प्राप्त कर लें। उन्होने राजनैतिक दलों से कहा कि किसी भी जुलूस की शुरुआत और समाप्ति का समय और जुलूस के मार्ग को पहले ही तय कर लें और पुलिस अधिकारियों से अग्रिम अनुमति प्राप्त कर लें।
मा0 प्रेक्षक ने कहा कि शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्वाचन अधिकारियों को सहयोग दें। मतदाताओं को जारी अनौपचारिक पहचान पर्ची सादे (सफेद) कागज पर होगी और इसमें कोई प्रतीक, अभ्यर्थी या दल का नाम नहीं होगा। अभियान अवधि के दौरान और मतदान के दिन वाहनों के चलन पर प्रतिबंध का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि निर्वाचन संचालन संबंधी कोई भी शिकायत या समस्या निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक/रिटर्निंग आफिसर/जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट/मुख्य निर्वाचन अधिकारी/भारत निर्वाचन आयोग के ध्यान में लाई जाएगी। निर्वाचन के विभिन्न पहलुओं से संबंधित सभी मामलों में निर्वाचन आयोग, रिटर्निंग आफिसर और जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों/आदेशों/अनुदेशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होने राजनैतिक दलों से कहा कि यदि आप उस निर्वाचन क्षेत्र से मतदाता या अभ्यर्थी या अभ्यर्थी के निर्वाचन अभिकर्ता नहीं हैं, तो अभियान अवधि समाप्त होने के बाद निर्वाचन क्षेत्र छोड़ दें। उन्होने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि यह सुनिश्चित करें कि किसी भी व्यक्ति/कंपनी/संस्था को एक दिन में 10,000 रुपये से अधिक का कोई भी भुगतान नकद में न किया जाए, सिवाय उन स्थानों के जहां भुगतान ऐसे गाँव या कस्बे में किया जाता है, जहाँ कोई बैंक सुविधा नहीं है। भुगतान किसी भी कर्मचारी या दल के पदधारी को वेतन, पेंशन या उसके व्ययों की प्रतिपूर्ति के लिए किया जाता है एवं किसी भी कानून के तहत नकद भुगतान किया जाना अपेक्षित है।
मा0 प्रेक्षक ने कहा कि किसी भी सरकारी कामकाज में प्रचार अभियान/निर्वाचन अभियान नहीं किया जायेगा। मतदाता को कोई प्रलोभन, वित्तीय लाभ या अन्यथा कुछ नहीं दिया जाएगा। निर्वाचकों की जाति/सम्प्रदाय के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। ऐसी कोई भी गतिविधि न करें, जिससे विभिन्न जातियों/समुदायों/धार्मिक/ भाषाई समूहों के बीच मौजूदा मतभेद बढ़ सकते हो अथवा उनके बीच आपसी घृणा या तनाव पैदा हो सकते हों। उन्होने कहा कि मंदिरों/मस्जिदों/चर्चा/गुरुद्वारों या किसी भी पूजा स्थल का भाषण, पोस्टर, संगीत आदि या निर्वाचन संबंधी कार्यों सहित निर्वाचन प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मतदान में ऐसी गतिविधियां निषिद्ध है, जिन्हें भ्रष्ट आचरण या निर्वाचन अपराध माना गया है, जैसे रिश्वत देना, अनुचित प्रभाव डालना मतदाताओं को धमकाना, किसी अन्य मतदाता का मत डालना, मतदान केन्द्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार करना, मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय को समाप्त 48 घन्टे की अवधि के दौरान जनसभा करना और मतदाताओं को मतदान केन्द्र ले जाना और लाना। उन्होने कहा कि जुलूस में शामिल व्यक्तियों को ऐसी कोई भी वस्तु साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जिनका मिसाइल या हथियार के रूप में दुरुपयोग हो सकता है।
मा0 प्रेक्षक ने कहा कि लाउडस्पीकर, चाहे स्थिर हों या चलते वाहनों पर हों, का इस्तेमाल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच नहीं किया जाएगा। संबंधित प्राधिकारियों की पूर्व लिखित अनुमति के बिना सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों में लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। आम तौर पर ऐसी सभाओं/जुलूसों को रात में 10.00 बजे के बाद जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ये स्थानीय कानूनों, क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की स्थानीय अपेक्षाओं और मौसम, त्योहारों, परीक्षा अवधि आदि जैसे अन्य प्रासंगिक बातों के अधीन होगी। उन्होने कहा कि निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार की शराब का वितरण नहीं किया जाना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग आर्य ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार राष्ट्रीय/राज्य स्तर की पार्टियों के प्रत्याशियों को अनुमन्य सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराये जायेंगे। उन्होने कहा कि इसके अतिरिक्त यदि कोई अन्य प्रत्याशी सुरक्षा की मांग करता है तो वह प्रत्याशी सुरक्षा का कारण बतायें।
बैठक में जिलाधिकारी श्री विशाल भारद्वाज, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिल कुमार मिश्र सहित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

——-जि0सू0का0 आजमगढ़-13.06.2022——–