आजमगढ़ :अध्यापकों को अद्यतन तक विनियमितिकरण के लिए कई वर्षों से मांग कर रहा है पाण्डेय गुट

आजमगढ़। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (पाण्डेय गुट) की एक बैठक मुकेरीगंज स्थित कार्यालय पर जिलाध्यक्ष डॉ. जयशंकर मिश्र की अध्यक्षता में रविवार को सम्पन्न हुई। संचालन जिलामंत्री पंकज कुमार सिंह ने किया।
बैठक को सम्बोधित करते हुए संरक्षक रामजन्म सिंह ने कहाकि संगठन तदर्थ अध्यापकों को अद्यतन तक विनियमितिकरण के लिए कई वर्षों से मांग कर रहा है और उसके लिए संघर्ष करता चला आ रहा है।उन्होने कहाकि सरकार अपनी हठधर्मिता पर काम कर रही है, तदर्थ अध्यापकों का विनियमितिकरण न करके उनको मानदेय देने की बात कर रही है। जिसे संगठन कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होने शासन से मांग किया कि तदर्थ अध्यापकों तथा उनके परिवार के भविष्य को सोचते हुए सरकार सहृदयतापूर्वक विचार करते हुए अद्यतन तक विनियमितिकरण करें नहीं तो संगठन आर-पार का संघर्ष करने को तैयार है।
जिलाध्यक्ष जयशंकर मिश्र ने कहाकि सत्र 2022-23 के बोर्ड परीक्षा के लिए केन्द्र निर्धारण का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होने कहाकि केन्द्र निर्धारण के नाम पर वित्त विहीन विद्यालयों से बड़ी रकम की मांग की जाती है और सभी मानकों को पूरा करते हुए भी वह मुंह मांगी रकम देने में असमर्थता जताते है तो जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय द्वारा कोई न कोई आपत्ति लगाकर उनको परीक्षा केन्द्र बनाने से वंचित कर दिया जाता है। उन्होने कहाकि यदि भ्रष्टाचार के आधार पर बोर्ड परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण किया गया तो संगठन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ करेगा।
बैठक को सम्बोधित करते हुए जिलामंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहाकि 30 दिसम्बर 2000 के बाद नियुक्त तदर्थ         अध्यापकों का सितम्बर माह का वेतन शासन के द्वारा बिना किसी लिखित आदेश के डीआईओएस द्वारा रोक दिया गया है। जबकि माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने सदन में कहा है कि प्रदेश के किसी भी जिले में यदि तदर्थ अध्यापकों का वेतन रोका गया तो उस अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होने कहाकि सितम्बर माह का वेतन न मिलने के कारण तदर्थ अध्यापकों के परिवार में दशहरा जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार पर मायूसी छायी हुई थी और परिवार दशहरा का त्यौहार नहीं मना सका।
जिला मंत्री श्री सिंह ने शासन से मांग किया कि दीपावली त्यौहार के पूर्व तदर्थ अध्यापकों के सितम्बर माह के वेतन का तत्काल भुगतान कराया जाय तथा वित्त विहीन विद्यालयों में कार्य करने वाले अध्यापकों एवं कर्मचारियों को पांच अंकों में मानदेय दिया जाय, जिससे वह लोग दीपावली का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मना सकें।
कोषाध्यक्ष अबरार अहमद ने कहाकि पेट की परीक्षा के लिए बालक एवं बालिकाओं को प्रदेश के दूसरे जनपदों में भेजा गया है, जो कहीं से न्यायोचित नहीं है। वह खुद बेरोजगार है दूसरी तरफ उनको दूसरे जनपद में भेजकर सड़क पर सोने के लिए सरकार द्वारा मजबूर किया जा रहा है। जिसमें बालिकाओं को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होने सरकार से मांग किया कि पेट की नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाते हुए परीक्षार्थियों को गृह जनपद में ही परीक्षा देने की व्यवस्था की जाय।
बैठक में शेर बहादुर सिंह यादव, अमित श्रीवास्तव, श्याम नारायण सिंह, इन्द्रजीत राम, एमसी ब्राडवे, अतुल सिंह, दिनेश सिंह प्रधानाचार्य, अखंड सिंह, जामवंत निषाद, राधेश्याम राजभर, महमूद इरफान, बाबू राम पाल, भानू प्रताप गुप्ता, मु0 रजा, जितेन्द्र मौर्य, प्रकाश प्रजापति, कोमल यादव, सदानन्द यादव, प्रवीण सिंह आदि मौजूद रहे।