आजमगढ़ 26 दिसम्बर– अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 श्री गम्भीर सिंह ने बताया है कि जनपद में अत्यधिक ठंड एवं शीत लहरी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के दृष्टिगत निराश्रित एवं असहाय तथा कमजोर वर्ग के असुरक्षित व्यक्तियों को राहत पहुंचाना प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में जनपद आजमगढ़ में नगर पालिका, नगर पंचायत में विभिन्न स्थानों पर रैन बेसरों/शेल्टर होम स्थापित किये गए है, ताकि कोई भी व्यक्ति रात में सड़क या फुटपाथ पर सोने के लिए बाध्य न हो। इन रैन बसेरों/ शेल्टर होम में रुकने वाले कमजोर वर्ग के लोगों को ठंड से बचने के लिए आवश्यक समस्त उपाय जैसे गद्दे, कंबल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय आदि का प्रबंध निशुल्क एवं रैन बसेरों के आसपास अलाव जलाने की व्यवस्था उपलब्ध है।
जनपद में स्थापित निकाय वार रैन बसेरों का विवरण इस प्रकार है, नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के अंतर्गत तीन रैन बसेरे प्रथम जिला अस्पताल में बनाया गया है, दूसरा बस स्टैंड आजमगढ़ में तथा तीसरा कलेक्ट्रेट के सामने रिक्शा स्टैंड के प्रथम तल पर बनाया गया है। इसी प्रकार समस्त निकायों में एक-एक रैन बसेरे की व्यवस्था की गई है, जिसमें आदर्श नगर पंचायत कटघर लालगंज, रोडवेज नागा बाबा पोखर के पास फूलपुर, माहुल खास फूलपुर, मुबारकपुर मैरिज हॉल के पास मुबारकपुर, नगर पंचायत कार्यालय कैंपस लालगंज, करमैनी अतरौलिया के पास बुढ़नपुर, नगर पंचायत कार्यालय बुढ़नपुर, वार्ड नंबर 10 हरिवंशनगर नगर पंचायत मेंहनगर, नगर पंचायत कार्यालय कैंपस अजमतगढ़, नगर पंचायत कार्यालय महाराजगंज, वार्ड नंबर 11 सुहेलदेव नगर-नगर पंचायत मार्टिनगंज, नगर पंचायत निजामाबाद कार्यालय कैंपस में, नगर पंचायत जीयनपुर आँखेपुर बाजार पट्टी, टोडरपुर दुर्गा प्रसाद के घर के पास नगर पंचायत निजामाबाद, नगर पालिका परिषद बिलरियागंज के कैंपस कार्यालय में, इस प्रकार प्रकार कुल 18 रैन बसेरा स्थापित किया गया है।
अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 ने आम जनमानस तथा सभी आगन्तुकों से अनुरोध/अपील किया है कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास रात्रि हेतु आश्रय की व्यवस्था नहीं है तो वह उपरोक्त किसी भी नजदीकी रैन बसेरे/शैल्टर होम में आश्रय लें।
इसके साथ-साथ नगर पालिका परिषद के अंतर्गत 47 नगर पंचायत के अंतर्गत 215 तथा राजस्व विभाग/जिला प्रशासन द्वारा 135 स्थान पर अलाव की व्यवस्था की गई है। साथ ही गरीब असहाय निराश्रितों हेतु आवश्यकता अनुसार सभी तहसीलों में कंबल भी उपलब्ध करा दिया गया है, तहसीलों के माध्यम से अब तक 5000 से ऊपर कंबल वितरित भी किये जा चुके हैं।






