TV 20 NEWS || AZAMGARH :डॉ. प्रतिभा सिंह की पुस्तक ‘पंचकन्या’ स्त्री विमर्श पर एक महत्वपूर्ण कृति : प्रो. प्रभु नाथ सिंह मयंक

आजमगढ़।
उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, आजमगढ़ के तत्वावधान में डॉ. प्रतिभा सिंह की पुस्तक ‘पंचकन्या’ की समीक्षा तथा उसके पश्चात एक भव्य कवि गोष्ठी का आयोजन जनपद के प्रतिष्ठित मारवाड़ी धर्मशाला स्थित दीप सदन सभागार में किया गया।
पुस्तक समीक्षा सत्र में वक्ताओं के रूप में दिनेश श्रीवास्तव ‘दानिश’, सुरेंद्र सिंह ‘चांस’ एवं डॉ. शशिभूषण ‘भूषण प्रशांत’ ने अपने विचार व्यक्त किए। मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर प्रभु नाथ सिंह मयंक ने ‘पंचकन्या’ को स्त्री विमर्श पर आधारित एक सशक्त और विचारोत्तेजक कृति बताते हुए आदिकाल और पौराणिक काल में स्त्रियों के साथ हुए सामाजिक व्यवहारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में डॉ. प्रवेश सिंह ने भी पुस्तक पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त पत्रकार संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार श्रीवास्तव को संस्था की ओर से अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।
पुस्तक समीक्षा के उपरांत एक सरस कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें पंडित हरिहर पाठक, पंडित जन्मेजय पाठक, घनश्याम यादव, संदीप गांधी, निहाल, श्रीमती बृजबाला एवं डॉ. प्रतिभा सिंह सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर प्रभु नाथ सिंह मयंक ने की। संस्था में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ‘दानिश’, संगठन मंत्री राकेश पांडे ‘सागर’, मंत्री रत्नेश कुमार राय, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार पांडे, प्रचार मंत्री रितेश पांडे एवं उपाध्यक्ष श्रीमती शालिनी राय द्वारा किया गया। सरस्वती वंदना कौशल कुमार राय ने प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था के संयोजक विजयेंद्र श्रीवास्तव ‘करुण’ ने किया।