आजमगढ़ : बदलते मौसम में गला खराब हो तो घबरायें नहीं चिकित्सक को दिखायें – सीएमओ 

 

आजमगढ़, 19 फरवरी 2021

बदलते मौसम में गले की खराश अथवा जुकाम के साथ सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इसलिए घबराने के बजाय चिकित्सक से लें सलाह और रहें सतर्क।  यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आईएन तिवारी का।

डॉ तिवारी ने बताया कि समय के साथ लोगों में संक्रमण के लक्षणों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। विगत वर्ष तक इसके अधिसंख्य मामलों में ज़्यादातर वे लोग चपेट में आ रहे थे जो 50 वर्ष से अधिक उम्र के थे या फिर हाई ब्लड-प्रेसर, कार्डियक डिजीज, डाइबिटीज जैसी समस्याओं से ग्रसित थे। लेकिन जरा सी  असावधानी में हर उम्र के लोग इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। ऐसे में गंभीरता के साथ एहतियात बरतने की जरूरत है। गला चोक होना, गले में खराश होना, गले में दर्द में होना या जुकाम होने  जैसी समस्या है तो यह समस्यायें सायनस, मौसमी एलर्जी, ठंडे-गरम वातावरण में रहने तथा गलत खान-पान के कारण भी हो जाती है। इस तरह की समस्या होने पर घबराने के बजाय चिकित्सक से तत्काल संपर्क करें।

मंडलीय जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता नाक कान एवं गला विशेषज्ञ डॉ निर्मल रंजन सिंह ने बताया कि कई संक्रमण एक साथ  हो सकते हैं। इन दिनों वायरस और बैक्टीरिया सक्रिय हैं। जिसके कारण गला खराब होना, अचानक से छींके शुरू हो जाना, नाक में खुजली होना, नाक का नम रहना आदि समस्याएँ हो सकती हैं। कोविड-19 के लक्षणों में भी जुकाम, खांसी, गले में खराश और सांस लेने की समस्या होती है।

डॉ सिंह ने बताया की मंडलीय जिला चिकित्सालय में नाक,कान एवं गला  की बीमारी के लिए तीन डाक्टरों की ओपीडी कमरा नंबर 16 में होती है। प्रत्येक डाक्टर की ओपीडी लगभग 40 से 50 मरीजों की होती है। 150 मरीजों की ओपीडी में 20 से 25 मरीज खांसी के साथ बलगम और गले की खराश से संबन्धित होते हैं। इस क्रम में नवम्बर माह में 3852 मरीज, दिसम्बर माह में 3228 मरीज तथा जनवरी माह में 3086 मरीजों की ओपीडी हुई थी।

जुकाम व खांसी के कारण – जिन लोगों को साइनोसायटिस, अस्थमा, एलर्जी या एसिडिटी की  परेशानी है, उन्हें भी अकसर जुकाम व गला चोक होने की समस्या हो जाती है। इसके अलावा इस मौसम में सर्दी और गर्मी के कारण उल्टी होना भी सामान्य बात है। इस कारण भी गले में खराश व बलगम बन सकता है। इसलिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। सतर्क रहें और समय से अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या चिकित्सक से तत्काल संपर्क करें।

हर्रा की चुंगी निवासी 52 वर्षीय गिरीशचन्द्र ने गले में खराश होने पर 5 दिन पहले डाक्टर को  दिखाया था। देखने के साथ ही गले की जांच की और दवा लिखा था। मुझे पाँच दिन बाद बुलाया गया था। अब मुझे काफी आराम है।

गाँव अरया निवासी 33 वर्षीय विनय को बलगम के साथ गले में खराश की समस्या थी। तीन दिन पहले ओपीडी में दिखाया था। देखने के बाद डाक्टर ने दवा लिखी थी। आज मुझे बहुत आराम है।

 

इसे अवश्य अपनाएँ –

1- मनोबल मजबूत बनायें रखें।

2- व्यायाम व खान-पान का विशेष ध्यान रखें जिससे रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे।

3- बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।

4- दो गज की दूरी बरकरार रखें और समय-समय पर हाथ को साबुन से धोएँ या सेनेटाइज करें।

5- अचानक गला चोक होने पर या फिर सुनाई न देने की समस्या हो तो चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

6- तीन दिन से अधिक बुखार, खांसी या जुकाम है तो गंभीरते से लें और जांच करायें।