*TV 20 NEWS || AZAMGARH :विकसित उत्तर प्रदेश की धुरी: नारी शक्ति कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित*

विकसित उत्तर प्रदेश की धुरी: नारी शक्ति कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित

महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए संचालित योजनाओं की दी गई जानकारी

महिलाओं एवं बालिकाओं की जागरूकता, सुरक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा देना कार्यक्रम का उद्देश्य: जिलाधिकारी

यूपी पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए ऑपरेशन सफलतापूर्वक संचालित है- एसएसपी

 

सभी 1810 ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर-जिलाधिकारी

आजमगढ़, 24 जुलाई, 2026

“विकसित उत्तर प्रदेश की धुरी: नारी शक्ति” कार्यक्रम के अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय योगदान करने वाली जनपद की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी भी उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि “विकसित उत्तर प्रदेश की धुरी: नारी शक्ति” कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं के जीवन के विभिन्न चरणों को ध्यान में रखते हुए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

गर्भावस्था से लेकर जन्म, शिक्षा, रोजगार एवं जीवन के विभिन्न चरणों में महिलाओं एवं बालिकाओं को योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।जिलाधिकारी ने बताया कि जहाँ मिशन वात्सल्य के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं गर्भस्थ शिशुओं के कल्याण से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं तो वहीं, जननी सुरक्षा योजना के माध्यम से संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने के साथ ही आर्थिक सहायता एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण पर विशेष बल दिया जा रहा है। कन्या सुमंगला योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल सम्मान कोष सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं एवं महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है।

महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वयं सहायता समूहों को मजबूत एवं सक्रिय बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जनपद की सभी 1810 ग्राम पंचायतों में कम से कम 02 स्वयं सहायता समूह, अर्थात कुल 3620 समूहों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जनपद स्तर पर अभियान चलाकर अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिससे महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के अंतर्गत महिलाओं के लिए उपलब्ध ऋण सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का गारंटी फ्री एवं ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। उन्होंने महिलाओं से इन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान एवं नारी स्वावलंबन को प्राथमिकता दी जा रही है। महिलाओं की सुरक्षा एवं उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनपद के सभी थानों पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इन हेल्प डेस्क पर महिला पुलिस कर्मियों की उपस्थिति में भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे पीड़ित महिलाएं एवं बालिकाएं बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं पुलिस के समक्ष रख सकें और उनका प्रभावी ढंग से समाधान कराया जा सके। उन्होंने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए जनपद में एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन किया गया है। इसके साथ ही यूपी पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए ऑपरेशन गरुड़, ऑपरेशन शील्ड, ऑपरेशन डिस्ट्रॉय, ऑपरेशन बचपन, ऑपरेशन खोज, ऑपरेशन डॉयल एवं ऑपरेशन रक्षा जैसे विभिन्न विशिष्ट अभियानों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।

क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न महिला एवं बाल सुरक्षा योजनाओं तथा हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर, नारी शक्ति वंदन अधिनियम एवं महिला बीटों के आवंटन सहित महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तीकरण से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में जागरूक किया। उन्होंने 1090 वूमेन पावर लाइन, 181 वूमेन हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 102 गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए एंबुलेंस हेल्पलाइन, 101 अग्निशमन सेवा, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1930 साइबर हेल्पलाइन एवं 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित विभिन्न टोल फ्री नंबरों की जानकारी देते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं से आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय योगदान करने वाली जनपद की महिलाओं को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने सम्मानित महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अन्य महिलाओं एवं बालिकाओं को भी उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार द्वारा उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को “विकसित उत्तर प्रदेश की धुरी: नारी शक्ति” विषयक बुकलेट, फोल्डर एवं पंपलेट वितरित किए गए। इनके माध्यम से प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया गया।