*TV 20 NEWS || AZAMGARH : बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तहसील सगड़ी के अन्तर्गत कटान स्थल का जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया स्थलीय निरीक्षण*
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तहसील सगड़ी के अन्तर्गत कटान स्थल का जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया स्थलीय निरीक्षण
कटान रोकने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं एवं अन्य सुरक्षात्मक उपाय तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश
ग्रामीणों से समय रहते राहत शिविरों में जाने तथा नदी किनारे न जाने की अपील
आजमगढ़, 06 अगस्त 2026/
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तहसील सगड़ी के अंतर्गत ग्राम आराजी गंगापुर मे घाघरा नदी से हो रहे कटान स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। डीएम व एसएसपी ने घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर एवं किनारे पर हो रहे कटान का निरीक्षण करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी के किनारे हो रहे कटान को रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य तत्काल प्रभाव से कराए जाएं। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां पर्कुपाइन लगाए जाएं तथा उनके भीतर बालू से भरे बोरे व्यवस्थित ढंग से डाले जाएं, जिससे नदी की धारा का प्रभाव कम हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नदी किनारे लगाए जाने वाले बालू के बोरों को तार से मजबूती के साथ बांधा जाए, ताकि तेज बहाव के दौरान वे अपनी जगह से न हटें और कटान रोकने में प्रभावी सिद्ध हों।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को घाघरा नदी के लगातार बढ़ते कटान तथा उससे उत्पन्न हो रहे खतरे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थानों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ आने पर गांव के लोग शिवपुर, सहदेवगंज तथा बांध पर बने सुरक्षित स्थानों पर जाकर निवास करते हैं।
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जन-जीवन की सुरक्षा सर्वाेपरि है। यदि नदी का जलस्तर बढ़ता है अथवा प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया जाता है तो सभी लोग समय रहते राहत शिविरों एवं शरणालयों में चले जाएं। उन्होंने लोगों से नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाने तथा बच्चों को भी नदी के आसपास न जाने देने की अपील की। उन्होने कहा कि नदी के पानी में कोई भी नहाने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
ग्रामीणों ने यह भी अवगत कराया कि नदी के कटान से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने खेतों में हो रहे कटान का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर सतत निगरानी रखने एवं आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षात्मक कार्य कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद प्रशासन बाढ़ एवं नदी कटान से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है। जन-धन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक एवं राहत संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, पशु चिकित्सा, विद्युत व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। साथ ही संवेदनशील गांवों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त एवं निगरानी बनाए रखें तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जाए तथा लोगों को समय-समय पर आवश्यक सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सगड़ी, खण्ड विकास अधिकारी महराजगंज, सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






