आजमगढ़ : DM ने आजादी का अमृत महोत्सव पर पूछा सवाल तो बगल झांकने लगे अधिकारी, शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल देखे रिपोर्ट
आजमगढ़ जिले में आजादी के अमृत महोत्सव में जिले के आला अधिकारी उस समय असहज हो गए जब जिले के डीएम अमृत त्रिपाठी ने मनाए जा रहे अमृत महोत्सव से जुड़े सवाल पूछ लिए। जिले में मन रहे आजादी के अमृत महोत्सव के बारे में जिले के डीएम अमृत त्रिपाठी ने जब जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह से आजादी के अमृत महोत्सव के बारे में सवाल पूछा तो वह बगल झांकने लगे। डीएम अमृत त्रिपाठी ने पूछा कि 22 मार्च को ऐसा क्या था जो आज हम लोग यह उत्सव मना रहे हैं। इससे भी ज्यादा असहज स्थिति उस समय हो गई जब जिले के डीएम ने इस महोत्सव में जुटे अधिकारियों, शिक्षिकाओं व बच्चों से आजादी के अमृत महोत्सव के बारे में सवाल पूछा तो सन्नाटा पसर गया। इससे समझा जा सकता है कि जिले की शिक्षा व्यवस्था किस तरफ जा रही है। जब जिले के आला अधिकारियों को खुद नहीं है जानकारी तो ऐसे में बच्चों को क्या जागरूक करेंगे, इससे समझा जा सकता है। हद तो तब हो गई जब जिले के डीएम अमृत त्रिपाठी ने बच्चों से आजाद भगत सिंह के बारे में पूछा तो बच्चे कुछ भी नहीं बता पाए। डीएम अमृत त्रिपाठी ने जिले के एडीएम आजाद भगत सिंह को निर्देश दिया कि बच्चों को शहीद आजाद भगत सिंह के बारे में बताएं। डीएम के सवाल ने जिले की शिक्षा व्यवस्था की पोल खाेलकर रख दी है।
खुद जागरूक होकर औरों को करें जागरूक
जिले के डीएम अमृत त्रिपाठी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सबसे पहले हमें जागरूक होना है, उसके बाद हमें बच्चों को भी जागरूक करना है। किसी भी अधिकारी के अमृत महोत्सव के बारे में न बता पाने से अधिकारियों व शिक्षकों को शर्मशार होना पड़ा। डीएम ने सभी बच्चों को इसके बारे में जागरूक रहने का निर्देश दिया।
CDO ने बताया क्या है अमृत महोत्सव
जिले का जब कोई अधिकारी आजादी के अमृत महोत्सव के बारे में नहीं बता पाया तो जिले के डीएम अमृत त्रिपाठी ने सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला को निर्देश दिया कि सभी लोगों को इसके बारे में जानकारी दें। सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने सभी को आजादी के अमृत उत्सव के बारे में बताया कि आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किया जा रहा है। 22 मार्च को इसलिए स्मरण कर रहे हैं कि जो उत्तर प्रदेश नाम पड़ा। इससे पहले इसका नाम नार्थ वेस्ट यूनाइटेड प्रोविंस था। 22 मार्च 1950 को उत्तर प्रदेश नाम पड़ा। 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाएगा। जिसमें शहीद भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव की याद में शहीद दिवस मनाते हैं। इसके साथ ही ज्ञात व अज्ञात स्वाधीनता संग्राम सेनानी व क्रांतिकारी हैं उनका भी स्मरण करेंगे।






